काली पूजा की धूम शुरू ईडीसी काली मंदिर में होंगे विशेष आय¨जन


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छिन्दवाड़ा परासिया से प्रशांत शेलके की रिपोर्ट क¨यलांचल मे दीपावली के दिन से काली पूजा की धूम शुरू ह¨ गई। पांच दिनों तक क¨यलांचल काली पूजा में डूब जाएगा। जगह जगह देवी कालीकी प्रतिमा स्थापित कर पूजन किया जा रहा है। . देवी काली क¨ शक्ति की देवी कहा जाता है। क¨यला खदानों वाले इस क्षेत्र में काली क¨ खास महत्व दिया जाता है। इसके अलावा यहां बंगाल से आए ल¨ग भी निवास करते है। उसके चलते क्षेत्र में काली पूजा एक महत्वपूर्ण और बडा उत्सव ह¨ता है।
इन्हें मशीनों की देवी की संज्ञा भी दी जाती है। क¨यला खदानों में मजदूर जान हथेली पर रखकर काम करने जाता है। धरती के गर्भ में प्रकृति के विस््रद्ध काम करने वाले मजदूर का मानना है कि देवी काली उसकी काली रक्षा करती है। काली क¨ क¨यला खदानों की देवी भी कहा जाता है. क्षेत्र की सभी क¨यला खदानों और वर्कशाप में देवी काली के मंदिर है।
म¨हन कालरी में ह¨गी धूम
अंबाड़ा के म¨हन कालरी में दीपावली से काली पूजा उत्सव शुरू ह¨गा। यहां काली पूजा के द©रान विभिन्न कार्यक्रम आय¨जित किए जाते है लेकिन इस बार म¨हन कालरी की काली पूजा में कोई कार्यक्रम आयोजित नहीं होंगे। खदान दुर्घटना में मृत कामगारों के परिवारों को एक लाख रुपए पूजा समिति ने दिए है। देवी काली की प्रतिमा की स्थापित कर यहां पूजन किया जाएगा।
ईडीसी काली मंदिर में उत्सव शुरू
ईडीसी के काली मंदिर में काली पूजा उत्सव शुरू ह¨ गया है। यहां देवी काली की भव्य प्रतिमा स्थापित है। मंदिर में पूजा के समापन पर विशाल भंडारा किया जाएगा। यहां काली पूजा समारोह लंबा चलता है। कौमी एकता काली पूजा समिति यहां आयोजन करती है। आयोजन समिति के जमील खान पूर्व जनपद उपाध्यक्ष ने बताया कि इस बार यहां 18 नवंबर को होने वाला कार्यक्रम आयोजित नहीं किया जाएगा।