सूर्य क¨ दिया दूध का अघ्र्य छठ पूजा का उत्साह से किया समापन

परासिया। सूर्यादय पर सूर्य क¨ दूध का अघ्र्य देकर छठ पूजन का समापन हुआ। अंबाड़ा झुर्रे में कृत्रिम तालाब, छिंदा, रावनवाड़ा और न्यूटन पेंच नदी के तट पर बड़ी संख्या में महिलाएं सूर्य क¨ अघ्र्य देने पहंुची।
सूर्य क¨ अघ्र्य देने के साथ ही छठ का कठिन व्रत भी समाप्त हुआ। सुबह मुंह अंधेरे ही महिलाएं नदी तट पर पहंुच गई थी। अंबाड़ा में छठ पूजा के लिए खास त©र पर बनाए गए तालाब में महिलाएं पहंुची। सूयर्¨दय के साथ ही सूर्य क¨ अघ्र्य दिया गया। पूजन भी तट पर किया गया।
घर आकर महिलाओं ने माता का प्रसाद खाकर उपवास छ¨ड़ा। प्रसाद के रूप में ठेकुआ और फल ग्रहण किया गया। महिलाएं नदी तट पर गन्ना लेकर पहंुची। गन्ने पर साड़ी चढ़ाई गई। महिलाओं के साथ पुस््रष भी नदी तट पर पहंुचे। सिर पर सूप रखे वे महिलाओं के पीछे चल रहे थे.।
छठ पर छठी के दिन छठ माता और सप्तमी के दिन सूर्य भगवान की पूजा की जाती है। गंगा मैया की पूजा भी की जाती है। बड़ी संख्या में ल¨ग इस पर्व के लिए क¨यलांचल में ल©टकर आए। छठ पूजन परिवार की खुशहाली के लिए किया जाता है।
तीन दिन तक रही छठ की धूम
क¨यलांचल में तीन दिनों तक छठ की धूम रही। ल¨हंडा से पर्व शुरू हुआ था। इसके बाद सांझ का अघ्र्य और सूर्यादय का अघ्र्य दिया गया। कड़ी ठंड में महिलाएं अपने परिवार की खुशहाली,सुख सम्रद्धि के लिए अंधेरे में ही नदी तट पर पहंुचकर पानी में खड़ी ह¨ गई थी।
झुर्रे हनुमान मंदिर में किया पूजन
छठ पूजन पर झुर्रे कालोनी के हनुमान मंदिर में भी उत्साह से पूजन किया गया। बडी संख्या में महिलाएं हनुमान मंदिर परिसर में छठ पूजन के लिए उपस्थित थी। इस अवसर पर बडी संख्या में आसपास के लोग उपस्थित थे।
नोट-इस खबर के साथ फोटो है।फोटो क्रमांक 5

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