कमलनाथ के इलाके में मोदी की दहाड़

छिन्दवाड़ा में मोदी का पूरा भाषण
आठ क्षेत्रों में आठ मुख्यमंत्री का नाम चला रहे, जनता, कार्यकर्ताओं को मूर्ख बना रही कांग्रेस
मोदी का कमलनाथ का बडा हमला, गांधी परिवार का राज दरबारी बताया
छिंदवाडा प्रदे का सबसे बडा जिला है। श्रद्धा और आस्था का भी स्थान है। प्रदे और महाराष्ट्र के लोग श्रद्धा और आस्था रखते है। श्रद्धा के स्थान है। इसके प्रति सामान्य मानव की आस्था जुडी हुई है। भाईयो बहनो इस चुनाव में मुझे मध्यप्रदे के कुछ क्षेत्रों में जाने का अवसर मिला है। आज मै छत्तीसगढ के कुछ क्षेत्रों का दौरा कर यहां आया हूं। चुनाव सभाओं का नजारा देखा हूं। जहां दूर दूर तक नजर जाए लोग ही लोग नजर आ रहे है।
यहां अफवाहों का बाजार गर्म रहता है। दिन में अलग अलग पांच अफवाहे फैलाने में नेता माहूर है। कभी कहते है मोदी जी नहीं आएंगे। आने वाले थे वो तो मालदीव में है। नहीं आएंगे। इतना डर क्यों लग रहा है रे। ये अफवाहों का बाजार कब तक चलेगा। अगर आप इस कांग्रेस पार्टी के कार्यकलाप को देखेंगे उनके कारनामे देखेंगे उनका कार्य करने का तरीका देखेंगे उनकी कार्यौली देखेंगे कि कांग्रेस पार्टी कैसी है। झूठ बोलने की ताकत कितनी इकट्ठा की है। जैसे कोई व्यक्ति डेली व्यायाम करता है तो उसकी ताकत बढती है। ये कांग्रेस ने भी आजादी से अब तक झूठ बोलन ेकी जबरदस्त प्रेक्टिस की है कि उनको झूठ गढने, में फैलाने में महारत हासिल हो गई है। पिछले पचास सालों का कार्यकलाप देख लीजिए। ये कैसे लोगों आंखो में धूल झोंकते है। यहां के सांसद बार बार चुनाव जीतते है लेकिन दुकान गाजियाबाद नागपुर में खोलते है। उनको पता है कि अगर छिंदवाडा में प्रगति हुई, विकास हुआ, यहां के लोग जाग गए, दुनिया को जान गए तो उनका बोरिया बिस्तर गोल होना पक्का है। आपने देखा होगा कांग्रेस पार्टी ने मध्यप्रदे में कैसे लोगों को चुनाव में पसंद किया है और नामदार ने उस पर ठप्पा मारा है और यहां के उद्योगपति ने वो सूची तैयार की है। सूची तैयार करने का आधार क्या है। वीडिया देखा होगा। वो अपनी मीडिंग में कह रहे है गुंडा चलेगा, बदमा चलेगा, बेईमान चलेगा, कई केस वाला चलेगा, कोई भी उम्मीदवार चलेगा, जीतने वाला चाहिए। ये जिनका तराजू है जिन्होंने ऐसे लोगों को सिलेक्ट किया है क्या इनके हवाले प्रदे दे सकते है क्या। प्रदे के लोगों को तय कर लेना चाहिए कि जिनका मुखिया बैठक में कहता है जीतने वाला चलेगा तो प्रदे का हाल क्या होगा।
गुंडो से प्रदे को बचाना चाहिए, जिन उम्मीदवारों को सिलेक्टर किया है उसका स्टेंडर्ट तय किया है ऐसे लोगों के हाथ में प्रदे दे सकते है। ये चुनाव हारने जीतने का मुद्दा नहींं है। आज मुद्दा है प्रदे को ऐसे पंजे में जाने से बचा लेना भाईयों। इस बार छिंदवाडा नया इतिहास रचने वाला है।
किसी जमाने में खबर पहुंचने में दिन लग जाते थे। उस जमाने में कांग्रेस का झूठ चल गया। पचास साल उन्होंने मलाई खा ली। खबरे तुरंत पहुंच जाती है। हिंदुस्तान का नागरिक चुप जरूर रहता है। लेकिन नीर झीर विवेक करने का सामर्थ्य आम नागरिक में है। उसे कम आंकने की कोा मत करो नामदार।
प्रदे के मतदाताओं को उलझन में डालने के लिए गाय ले आए। घोषणापत्र में गाय के आने की आलोचना नहीं करता हूं। न बुरा मानता हूं। उनका हक है । लेकिन सवाल ये उठता है कि क्या प्रदे की और केरल की कांग्रेस अलग है। क्या केरल कांग्रेस के मुखिया और मध्यप्रदे कांग्रेस के मुखिया एक ही हैं ।क्ेरल की कांग्रेस और मध्यप्रदे की कांग्रेस अलग है क्या।यहां गाय का गुणगान गौरव गान करते हो। लेकिन केरल में खुले आम कांग्रेस के लोग गाय के बछडे का तब सवाल उठता है कि कांग्रेस केरल की सच है या मध्यप्रदे की सच है नामदार बताआ। गाय लाओ न लाओ लेकिन मतदाताओं को मूर्ख मत बनाओ। ये उनका तरीका है जो वादे करते है उनका खुद का विवास और भरोसा नहीं होता है। उन्होंने जनता से धोखा करते है, अपने नेताओं से , अपने पार्टी के लोगों से धोखा करते है। ये धोखा करना उनकी रगों में हैं। इसलिए दे की जनता उनकी एक भी बात पर भरोसा हीं करती है।
नमदार छिंदवाडा के लोगों से मिलते है तो कहते है मुख्यमंत्री आपका होगा। ग्वालियर जाते है वहां बोलते है मुख्यमंत्री तुम्हारा होगा। आठ अलग अलग इलाके में आठ अलग अलग मुख्यमंत्री का नाम चलाते है। उनको, कार्यकर्ता, जनता जनार्दन को मूर्ख बनाते है। ऐसे जिनका चरित्र दोगला हो, जिनकी कार्यौली झूठ और फरेब से चलती हो क्या ऐसे लोगों को मध्यप्रदे दे सकते है क्या।
सार्वजनिक जीवन में गलतियां हो सकती है। लेकिन गलतियों को सार्वजनिक रूप् से स्वीकार करने का सामर्थय होना चाहिए। कम से कम जनता जनार्दन मूर्ख बनाने का काम मत कीजिए। जनता जनार्दन को टेकन फार ग्रांटेड मानतो हो इसलिए 440 से 40 हो गए हो।
कमलनाथ को गांधी परिवार का दरबारी बताया
आपसे अनुरोध करने आया हूं जिनके भरोसे मध्यप्रदे का सुकाम दिया गया है उनका कच्चा चिट्ठा खोलना चाहता हू।।नौ बार सांसद, पचास साल तक कांग्रेस की सरकार और परिवार के सबसे बडे दरबारी। सुबह शाम वहां साष्टांग प्रणाम करते दिन नहीं चलता है। आपातकाल के जमाने से पूरा समर्पण। अरे कमलनाथ जी एक परिवार को इतना समर्पण किया। यदि छिंदवाडा जनता की जनता के चरणों में समर्पित हुए होते तो मध्यप्रदे के लोग आपका गौरव करते नफरत नहीं करते।
झूठ है छिंदवाडा माडल, विकास भाजपा की देन
प्रदे में झूठ फैलाया जा रहा है कि छिंदवाडा कहां से कहां पहुंचा दिया। प्रदे को छिंदवाडा जैसा बना देंगे। भगवान करो भाई, मत बनाआ, मध्यप्रदे जैसा है वैसा रहने दो। जब तक भाजपा की सरकार प्रदे में नहीं बनी। उससे पहले भी तीस पैंतीस सालों तक इन्हीं का कारोबार रहा। िवराज की सरकार बनने से पहले क्या छिंदवाडा का विकास हुआ था। रास्ते बने थे। बिजली पहुंची थी। कालेज का एजुकेन पयाप्त मात्रा में मिलता था, रोड गडढे से बढे, अस्पताल, बस स्टाप भी बना था क्या। छिंदवाडा का सरकारी बस स्टैंड किसने बनाया। प्राईवेट बस स्टेंड किसने बनवाया, जेल कांपलेक्स किसने बनवाया, सडके ज्यादातर कब बनी। स्टेडियम का काया कल्प किसने किया। पूरी ताकत से बताइए भाजपा ने किया है तो भाजपा बताईए। नगर पालिका से नगर निगम किसने बनाया। विधानसभा, पंचायत सबमें आपने भाजपा को आिर्वाद इसलिए दिया क्योंकि काम करके दिखाया, आपके सपनों को आगे बढाने की कोा की है।
छिंदवाडा में रेलगाडी शुरू करने वाले कमलनाथ क्यों भूल जाते है कि रेल चौडी करने का काम 1997 में पटवा ने किया। किसानों के लिए माचागोरा डेम में कमलनाथ जी आपका थोडा सा भी योगदान था क्या। िवराज जी की सरकार आई तब माचागोरा बांध का पानी उन इलाकों में पहुंच रहा है जहां पानी नहीं पहुंच पाता था। 75 करोड की पाईप लाईन से पानी पहुंचाने का काम किसने किया।
कमलनाथ को कहा राजदरबारी
बडे गाजे बाजे के साथ राज दरबारी ने स्पाईस पार्क बनवाया था क्या। गरम मसालों का पार्क बनाया था क्या। भाईयों बहनो क्या हुआ। ताले लग गए। उनके यार दोस्त मान उखाडकर ले गए। सब धरा का धरा रह गया। सरकार उनकी थी न। भाईयों बहनोंऐसे लोगों पर कौन भरोसा कर सकता है।
विकास माडल की धज्जियां उडाई
चौरई में हमारे किसानों को आमा इमली दिखा रहे थे। बडे बडे सपने दिखा रहे थे। सोयाबीन प्लांट शुरू किया गया। चल रहा है क्या। राज दरबारी ने राग दरबारी गाया लेकिन कुछ हुआ क्या। ये है विकास का माडल । यही प्रदे में गया तो मध्यप्रदे का क्या होगा।
यहां प्लाईवुड की फैक्टरी कुछ रितेदारों के नाम खोली गई थी। करोडो की जमीन काखंडकर है। और आरोप है कि रितेदार मान भी उठाकर ले गए। करोडो की जमीन मुफ्त में ली गई। करोडो रुपयों की सब्सिडी भी ली। और अब फैक्ट्री नजर नहीं आ रही। ये ऐसे जादूगर है कमाल कर देते है।
भाईयों बहनों ये सपने बेचकर ठगी करने वाले ठेकेदार है। ये आंख में धूल झोंककर गुमराह करने वाले लोग है। सूत मिल के नाम पर एक एक हजार रुपए लिए थे। क्या सूत की मिल बनी। किसानों को वापस मिला। किसानों को लाखो करोडो कौन मार गया। उपर से नीचे मार लेना इनकी आदत में है।
ऐसे लोग एसे दल इनका हिंदुस्तान में मध्यप्रदे में छिंदवाडा में आपका भविष्य सलामत रखना है। चोर लुटेरे गुंडे को गाजे बाजे के साथ जिन्होंने पसंद किया है। ये मै नहीं कह रहा। उनका वीडियो कह रहा है। उनके वीडियों को सच मानना चाहिए कि नहीं मानना चाहिए। उनका वीडिया से इंकार किया है। ऐसे लोगों को उन्होंन ेचुना है जो चुनाव के मैदान में है। ऐसे लोगों के हाथ मे न मध्यप्रदे, न छिंदवाडा, न किसानों न युवाओं न गांव का विकास, न शहर का विकास दे सकते है , न माताओं बहनों की सुरक्षा दे सकते है।ऐसे लोगों की विदाई होना जरूरी है।
छिंदवाडा की धरती से आपका आिर्वाद लेने आया हूं। आपके आिर्वाद से मध्यप्रदे को आगे ले जाने आया हूं। नामदार से पूछना चाहता हूं। चौराहे गली मोहल्लों में जाकर घिसी पिटी कैसेट बजा रहे हो। आपमे हिम्मत है तो आप अपनी चार पीढी का हिसाब दो। मै चार सालों का पाई पाई का हिसाब देने को तैयार हूं। चार पीढी में दे का क्या किया। राज करने का अवसर मिला। इसलिए कांग्रेस पार्टी को और उनके आठो मुख्यमंत्री के उम्मीदवारों को कहना चाहता हू। कि 55 साल कांग्रेस के और 15 साल भाजपा के तोल लिजिए। भाजपा का पलडा भारी रहेगा।
उपर से नीचे तक कांग्रेस रुपए के 85 पैसे खा गई
कांग्रेस के प्रधानमंत्री थे नामदार के पिताजी। उन्होंने कहा था दिल्ली से एक रुपया निकलता है तो गांव जाते जाते पंद्रह पैसा हो जाता है। देखा कांग्रेस का जादू। ये मैने नहीं कहा। नामदार आपके पिताजी उस समय के प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने कहा था।
सवाल ये उठता है कि जब राजीव गांध पीएम से तब पंचायत से लेकर संसद तक कांग्रेस के सिवाय किसी का झंडा नजर नहीं आता था। पंचायत से पार्लियामेंट तक एक चकरी कांग्रेस का राज था। उपर से नीचे तक कांग्रेस के लोग राज कर रहे थे। तब आपके पिताजी ने कहा था दिल्ली से रुपया निकलता है । 15 पैसे हो जाता है। जरा नामदार जवाब तो दो वो कौन सा पंजा था जो रुपयों को घिसकर 15 पैसे बना देता था। वौ कौन सा पंजा था जो हिंदुस्तान के गरीब के हक के 85 पैसे लूट लेता था।
कांग्रेस की मुसीबत का कारण है मोदी
ये लूटने की पक्की व्यवस्था थी। मोदी पर इतना गुस्सा क्यों करते है। अनाप शनाप भाषा में क्यों बात करते है। उनको पता है उनकी मुसीबत का कारण ही मोदी है। पहले रुपया निकलता था। 15 पैसे मिलता था। 85 पैसा खा जाते थे। मोदी ने आकर आधार जाया, जनधन का अकाउंट खेला, छह करोड लोग ऐसे मिले जिनता नामो निान नहीं था। किसी के नाम पर रान, किसी के नाम पर पेंन, किसी के नाम पर घर आबंटित होता था। ये सारे रुपए कमाने की उनकी परफेक्ट साईंटिक व्यवस्था थी। हैरान रह जाएंगे कि जो बच्ची पैदा नहीं हुई कांग्रेस के दफ्तर में वो विधवा हो जाती थी। पेंन खा जाते थे। माल कांग्रेस के लोग खाते थे।
जो बच्चा पैदा नहीं हुआ उसके नाम पर भोजन का बिल निकलता था। कांग्रेस के लोग खा जाते थे। मोदी ने टेक्नालाजी का उपयोग किया। कोई बिचौलिया नहीं । सीधा सीधा आपके खाते में जमा हो जाएगा।
आपको खुी होगी दिल्ली में ईमानदार सरकार बैठी है दे के चोरी होने वाले नब्बे हजार करोड रुपए जो गलत नामों से चोरी कर लिया जाता था उसे मोदी सरकार ने रोक लिया है। जिनका नब्बे हजार करोड गया है तो मोदी को गाली देगा या नहीं देगा या नहीं देगा। ये नाराजगी और ये गुस्सा इसी बात का है। नब्बे हजार करोड रुपया सालाना लूट लिया जाता था। हमने इसे रोका है। इसलिए उन्हें परेानी हो रही है। ऐसा काम करना चाहिए कि नहीं करना चाहिए। दे के रुपयों को बचाना चाहिए कि नहीं बचाना चाहिए। मध्ययम वर्ग, किसानों, गरीबों का रुपया मिलना चाहिए कि नहीं मिलना चाहिए। दे के युवाओं के सपनों के लिए पैसा मिलना चाहिए या नहीं।
ये कांग्रेस को हजम नहीं हो रही है। काई भी डिकनरी निकाल लीजिए। जितनी गालियां है कांग्रेस के लोग मोदी पर निकालने में लगे है। चार वाले, चौकीदार, पकौडे वाले, सर्जिकल स्ट्राइक, सेना को गाली। चुनाव होते रहते है। आपा क्यों खो बैठे हो।
आप कन्फ्यूज हो गए हो और पूरी पार्टी फ्यूज हो गई है। ये पार्टी का भला नहीं कर सकते है। विकास कैसे हो सकता है।
किसानों को मूर्ख बनाने निकले है। पचास पचपन साल आपने राज किया है। ये आपका जिम्मा नहीं है कि खेत में पानी पहुंचे या नहीं पहुंचे। िवराज पानी पहुंचा रहे है। और किसान का अभिनंदन करता हूं। इन्होंने इंसान की हेल्थ काल्ड तो छोडिए अपने धरती माता का स्वाइल हेल्थ कार्ड बनवाया। धरती माता बीमार तो नहीं है। कौन सा फर्ल्टीलाईजर चलेगा, नहीं चलेगा कौन सी फसल चलेगी नहीं चलेगी। 16 करोड किसानों को उनकी धरती का पूरा ब्यौरा दिया। किसानों को पता चला कि जमीन उसके लिए जरूरी नहीं थी। फसल बदल दी। अकेले छिंदवाडा जिले में पांच प्रकार की समृद्ध मिट्टि है। यहां के संतरे की चर्चा नागपुर की चर्चा होती है। कमलनाथ ने दुर्दा कर दी।
बुआइ के पहले, बुआई के दरमियान, फसल के उगने के समय मुसीबत आए तो भी कटाई के बाद मुसीबत आए तो भी । हमने ऐसी बीमा योजना दी। प्रधान मंत्री फसल बीमा योजना के तहत दे के किसानों को 16 हजार करोड रुपयों के क्लेम दिए गए। उसमें पांच हजार करोड रुपए अकेले मध्यप्रदे के किसानों को मिले है। हम आपकी तरह ढोल नहीं पीटते। किसानों की मुसीबत दूर करने का प्रयास करते है। कर्नाटक के लोगों से चुनाव में कर्ज माफ करने का वादा किया था। कर्नाटक के लोगों ने इन्हें बहुमत नहीं दिया। कर्ज माफी का वादा पूरा करने की जगह कर्ज चुकाने के लिए वारंट निकाले गए है। कर्ज माफी का वादा किया था। अब जेल भेजने के आरोप लगा रहे है। ऐसे लोगों पर जिन पर कैसे भरोसा करते है। उनकी पार्टी भरोसा नहीं करती है उन पर छिंदवाडा की जनता कैसे भरोसा कर सकती है।
2022 जब हिंदुस्तान की आजादी के 75 साल पूरे होंगे। हर व्यक्ति को घर देने का सपना है। अब तक सवा करोड घर बनाकर चाभी सुपुर्द कर दी है। उसमें मध्य प्रदे में परिवार 15 लाख गरीब परिवार नए घर में दीवाली मना चुके है। बाते नहीं, वादे नहीं जमीन पर उतारकर दिखाए है।
छिंदवाडा में ग्रामीण इलाकों में 23 हजार गरीबों को पक्के घर दिए जा चुके है। शहरी क्षेत्रों में 23 हजार घरों की स्वीकृति दी जा चुकी है। घर ऐसा दे रहे है जिसमें नल, जल, शौचालय, गैस का सिलिंडर भी हो। परिवार को नई जिंदगी जीने का काम हमारी सरकार कर रही है। जो सरकार सवा करोड घर बना चुकी है। वो दावे से विवास कर सकती है कि 2022 तक हिंदुस्तान के हर व्यक्ति को घर मिल जाएगा।
एक जमाना था सुबह सुबह लोग कमलनाथ के घर के बाहर कतार लगा देते थे। तक कमलनाथ दूसरी तरफ देखकर कहते थे ठीक है अगली बार देखेंगे। सालों तक सिलिंडर का कनेकन लेने के लिए कतार लगाकर खडे रहते थे। नामदार सांसदों पर कृपा करते थे।
हमने तय किया जो मां खाना पकाते हुए धुंए में जिंदगी गुजारती है। उसके शरीर में चार सौ सिगरेट का धुआं जाता है। हर दिन जिस मां के अंदर चार सौ सिगरेट का धुआं जाता हो। मैने गरीबी देखी है। हमने फैसला लिया हर माता को इस धुएं से मुक्ति दिलाएंगे।
सपना है हर परिवार में गैस का चूल्हा होगा। ये बात जब करते है छह करोड लोगों को गैस का कनेकन दे चुके है। सवा सौ करोड से ज्यादा जनसंख्या है। परिवार करीबी 25 करोड के करीब है। उन 25 करोड में से हमारी सरकार ने छह करोड परिवार को गैस का कनेकन दिया है। आजादी से हमारे आने तक जितने मिले। प्रदे में पंचास लाख परिवारों को। छिंदवाडा में कमलनाथ सोते रहते है। हमने डेढ लाख परिवारों को दे दिया।
जनता की सेवा करने वाली सरकार चाहिए कि नहीं चाहिए, सुख दुख समझने वाली सरकार चाहिए कि नहीं चाहिए।
दिल्ली का इंजिन और भोपाल का इंजिन डबल इंजिन से आगे समृद्ध और सुखी प्रदे बनाने के लिए जुट जाए।

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