हैण्डराइटिंग सुधारने की बारिकी समझ चुके है अभिषेक सोनी

० परीक्षाफल में लिखावट की महत्वपूर्ण भूमिका
राजनांदगांव। 15 दिसंबर से छत्तीसगढ़ के सभी शासकीय स्कूलो में अर्धवार्षिक परीक्षा सम्पन्न होनी है। आज के समय में हैण्डराइटिंग का विषय अत्यधिक महत्वपूर्ण बन चुका है क्योंकि परीक्षा में लिखावट की अहम भूमिका होती है। शहर के वार्ड 27 निवासी शिक्षक अभिषेक सोनी जो कि पिछले 8 वर्षो से प्राईवेट अध्यापन कार्य से जुड़े है वे हैण्डराईटिंग सुधारने क ी बारिकी से भलीभांति परिचित है शिक्षक ने हिन्दी के वर्णमाला के अक्षर को इतना आसान कर दिया है कि मात्र 18 अक्षर का अभ्यास कराते है उनका मानना है अक्षर ही सब कुछ है आगे वे अक्षर के ही आकार व शब्दो के बीच की दूरी पर ध्यान केन्द्रित कराते है।
उन्होने वर्णमाला से विद्यार्थियों के पाठ्यक्रम से समान एवं न के बराबर आने वाले अक्षर को भी हटा दिया है उनका कहना है 52 अक्षर मे अधिकत्तर एक समान बनाने में आते है। श्री सोनी अंगे्रजी, गणित की लिखावट के भी जानकार है, उनकी लिखावट भी सुन्दर है उन्होने लिखावट बिगडऩे के कारण, सुधार का आसान तरीका एवं अच्छी लिखावट के फायदे भी बताये है। आज के समय में देखा जा रहा है 60 प्रतिशत विद्यार्थियो का सुलेखन व बुक रिडिंग संतोषप्रद नहीं है। विद्यालयों का बेसिक स्तर सुधारने का हर संभव प्रयास किया जा रहा है विद्यार्थियों को भी शिक्षको के मार्गदर्शन पर अपना ध्यान केन्द्रित करना चाहिए।

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