अब तक 102 जमीनों का हो गया चिन्हांकन, विशेषज्ञ बताएंगे किस तरह की फसल ले सकेंगे


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अब तक 102 जमीनों का हो गया चिन्हांकन, विशेषज्ञ बताएंगे किस तरह की फसल ले सकेंगे – जिले में एग्रो इंडस्ट्री को बढ़ावा देने चिन्हांकित शासकीय भूमि पर एसएचजी की महिलाएं करेंगी आधुनिक खेती – क्लस्टरवार चल रही प्लानिंग, उद्योग विभाग एवं कृषि तथा संबंधित विभाग के अधिकारी कर रहे कार्ययोजना तैयार  राजनांदगांव 14 जनवरी 2019। राज्य शासन की मंशानुरूप जिले में स्वसहायता समूहों की आर्थिक गतिविधियां बढ़ाने एवं जिले में कृषि आधारित उद्योगों के आधार के विस्तार के लिए बनाई जा रही कार्ययोजना की समीक्षा कलेक्टर श्री भीम सिंह ने की। अधिकारियों ने बताया कि अब तक 102 भूखंड इसके लिए चिन्हांकित कर लिये गए हैं। कलेक्टर ने कहा कि भूमि में यदि समतलीकरण की आवश्यकता है तो इसे मनरेगा के माध्यम से करा लें, भूमि में कृषि कार्य के लिए इच्छुक स्थानीय समूहों से चर्चा कर लें। इनकी ट्रेनिंग की व्यवस्था करा लें तथा आधुनिक खेती के अनुकूल ड्रिप आदि सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य करें। कलेक्टर श्री सिंह ने एग्रो इंडस्ट्री की संभावनाओं के संबंध में किए जा रहे कार्यों की जानकारी भी ली। जिला पंचायत सीईओ श्री चंदन कुमार ने बताया कि इस संबंध में विस्तार से कार्ययोजना तैयार की गई है। इसमें हमने क्लस्टर चिन्हांकित किए हैं। इन क्लस्टरों में कृषि आधारित उद्योगों के लिए वर्तमान में हो रहा उत्पादन और चिन्हांकित भूमि के माध्यम से संभावित उत्पादन शामिल है। यह सभी आंकड़े एग्रो इडस्ट्री लगाने के इच्छुक उद्यमियों से साझा किए गए हैं। इनके खरीदी का आश्वासन दिए जाने पर एसएचजी को इस तरह के उत्पादन के लिए तैयार किया जाएगा तथा मार्केट में आ रहे उथलपुथल के बावजूद उन्हें अपने उत्पादन पर आर्थिक लाभ प्राप्त होता रहे। विशेषज्ञ देखेंगे किस भूमि में किस तरह उत्पादन – कलेक्टर श्री भीम सिंह ने कहा कि क्लस्टर बनाये जाने का कारण यह है कि एक खास पैच की भूमि एक खास फसल के लिए काफी उपयोगी होती है। अभी हो रहे फसल के पैटर्न के अनुरूप एवं मिट्टी के नेचर के अनुरूप महिला स्वसहायता समूहों को फसल उपजाने के संबंध में तकनीकी सलाह दी जाएगी। इस संबंध में चिन्हांकित भूमि में फसल लगाने के संबंध में कृषि विशेषज्ञ अपनी रिपोर्ट देंगे और इनकी रिपोर्ट के अनुरूप ही किसानों को फसल लगाने के संबंध में सलाह दी जाएगी।एसएचजी को दी जाएगी ट्रेनिंग – आधुनिक खेती के संबंध में महिला स्वसहायता समूहों को ट्रेनिंग दी जाएगी। उन्हें यह भी बताया जाएगा कि किस प्रकार शासकीय योजनाओं से उन्हें उन्नत खेती के लिए लाभ मिल सकेगा। इस संबंध में जल्द ही समूहों का प्रशिक्षण कार्य कराने के निर्देश कलेक्टर ने दिए। कैटल फीड और डेयरी इंडस्ट्री का भी होगा विस्तार – कलेक्टर ने कहा कि कृषि एवं बागवानी के साथ ही पशुपालन से ही महिला स्वसहायता समूहों को संपूर्ण रूप से आर्थिक लाभ प्राप्त हो सकेगा। इसके लिए उन्होंने जिले में कैटल फीड आधारित उद्योग भी आरंभ करने उत्सुक उद्यमियों को तैयार करने के निर्देश उप संचालक, पशुधन विकास को दिए।

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