श्योपुर कलेक्टर का आदेश सोशल मीडिया पर लगाई रोक


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हरदा । श्योपुर कलेक्टर आचार संहिता के आदेश निकालने में गलती कर गए और एक विवादित आदेश निकाल दिया जिसका सोशल मीडिया पर जमकर विरोध हो रहा है । वेसे भी वसंत कूर्रे और विवाद का पुराना नाता है । राजधानी भोपाल में लंबे समय तक अपर कलेक्टर रहे कूर्रे साहब का भोपाल में भी खासा विरोध रहा । कभी उनकी कार्यप्रणाली पर तो कभी उनकी भाषा शैली पर । ख़ैर ताजा मामला लोकसभा चुनाव की आचार संहिता से संबंधित है ।
क्या है मामला –
कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री बसंत कुर्रे ने लोकसभा निर्वाचन-2019 की घोषणा के उपरांत आचार सहिता प्रभावशील होने से सोशल मीडिया पर राजनीतिक पोस्ट को प्रतिबंधित कर दिया है। कलेक्टर की ओर से जारी आधिकारिक प्रेस रिलीज में कहा गया है कि यदि ऐसा किया गया तो आदर्श आचार संहिता के तहत कार्रवाई की जाएगी।
दिनांक 12 मार्च को जारी प्रेस रिलीज में कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री बसंत कुर्रे ने लोकसभा निर्वाचन-2019 की घोषणा के उपरांत आचार सहिता प्रभावशील होने से सोशल मीडिया पर ऐसी कोई पोस्ट न तो डाली जाए और ना ही उसे शेयर किया जाए। क्योंकि, यह कार्यवाही आदर्श आचार सहिता की परिधि में आएगी। उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि, समस्त निवासी अपने जिम्मेदार नागरिक होने का दायित्व निभावे। साथ ही सोशल मीडिया पर कोई भी राजनीतिक पोस्ट नहीं डाली जावे।
अज्ञानी  प्रशासन नागरिकों को धमका रहा है
दरअसल, श्योपुर में आचार संहिता के नियमों से अज्ञान प्रशासन आम नागरिकों को धमका रहा है। यहां बता दें कि आचार संहिता किसी भी व्यक्ति को सोशल मीडिया पर राजनीतिक पोस्ट करने से नहीं रोकती, बल्कि आचार संहिता नागरिक को स्वतंत्रता देती है कि वो इस अवधि में अपनी राजनीतिक समझ विकसित करे और योग्य प्रत्याशी का चयन करे। खुद चुनाव आयोग भी इस दौरान सोशल मीडिया पर राजनीतिक पोस्टिंग करता है। सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट साइबर एक्ट के तहत अपराध की श्रेणी में आती हैं और साइबर एक्ट आचार संहिता के इतर भी प्रभावी रहता है।
हरदा से मुईन अख्तर खान