पी.डब्लू.डी. की सड़क अंधेरगर्दी से जनता की जान जोखिम में


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० सरकारी खजाना में डाका की साजिश का खुलासा 
	राजनंादगंाव। ओव्हर ब्रिज से शंकरपुर पहुंच मार्ग के लिए भाजपा शासनकाल में जिस अंधेरगर्दी से राशि स्वीकृत की गई थी वहीं स्वीकृति अब विभाग के गले की फांस बन गई है। बिना कार्ययोजना के हवा में राशि का दुरूपयोग विभाग और निर्माण एजेंसी के बीच टकराव के चलते स्टेशन पारा, राम नगर, शंकरपुर, शांतिनगर के रहवासी जहां सड़क के लिए तरस रहे है और दुर्घटना के शिकार हो रहे है। इस मामले में वार्डवासियों का आक्रोश कभी भी दिख सकता है। इस मामले को लेकर कांग्रेस का प्रतिनिधि मंडल जिसमें जिला प्रवक्ता रूपेश दुबे, शहर कांग्रेस उपाध्यक्ष जय मुदलियार, वार्ड प्रभारी चेतन वर्मा, सन्तराम वर्मा, राबिन गाडलिब, पिंकू खान, अमित चंद्रवंशी, शैलेन्द्र देवांगन आदि सहित जल्द ही जिलाधीश के समक्ष दोषियों पर कार्यवाही और जल्द सड़क निर्माण संंबंधि ज्ञापन सौंपेगे। 
	जिला कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता रूपेश दुबे ने बताया कि मात्र 1.15 कि.मी. सड़क व चार नग पुल  26/06/2018 से 274.27 लाख की प्रशासकीय स्वीकृति 18/09/2018 से जारी कार्यादेश जिसकी नियत अवधि 10/01/2019 तक थी जो आज तक नहीं बन पायी है। इसका एक मात्र कारण भाजपा शासन काल में भ्रष्टाचार का खेल खेलने के लिए जिस अंधेरगर्दी से  शासकीय राशि स्वीकृत कर दिया जाता था और गुणवत्ताहीन कार्य जगजाहिर है लेकिन इस सड़क की कहानी कुछ और है इस सड़क में चार नग पुल बनाने का प्रावधान दिखाया गया है लेकिन स्थल में 4 पुल बनने लायक स्थान हीं नहीं है। सड़क की चौड़ाई का कोई ठिकाना नहीं है। 228.62 लाख तकनीकि स्वीकृति मिलने के बाद भी लोक निर्माण विभाग और भाजपा के एजेन्ट के रूप में प्रभारी अधिकारी की लापरवाही से आज तक काम अटका पड़ा है। जिसके कारण क्षेत्रवासी दुर्घटना का शिकार हो रहे है। प्राकलन में निर्धारित मापदण्ड का कहीं कोई पालन नहीं किया गया है। इस निर्माण के लिए जिस प्रकार की कार्यवाहीयां की गई है वह अपने आप में भ्रष्टाचार की खुली गाथा को प्रमाणित करते है और यह कार्य जनवरी माह में ही पूर्ण हो जाना था लेकिन आज तक बंद पड़ा है। इससे यह प्रतीत होता है कि बिना कार्य योजना के  मात्र भाजपा सरकार के प्रश्रय में राशि का बंदरबाट करने की साजिश थी लेकिन राज्य में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद विभाग की मंसा पर पानी फिरता देख विभागीय अधिकारी कार्य में अरूची दिखाना प्रारंभ कर दिए। जिसके चलते जनता सड़क के लिए तरस रहीं है। इस निर्माण कार्य से संबंधित जानकारी के लिए पी.डब्लू.डी. में जब सूचना का अधिकार लगाया गया तो विभाग जानकारी देने में भी कतरा रही है और निर्धारित अवधि समाप्त होने के बाद भी कोई सूचना पत्र जानकारी के संबंध में दी ही नहीं है जो इस बात का प्रमाण है कि विभाग को जनता की तकलिफो से कोई सरोकार नहीं है।