समय-सीमा आवेदनों के निराकरण में और अधिक गंभीरता बरतने की जरूरत – श्री मोटवानी अपर कलेक्टर ने समय-सीमा बैठक में दिए निर्देश


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राजनांदगांव 09 जुलाई 2019। अपर कलेक्टर श्री एसएन मोटवानी ने समय-सीमा से संबंधित आवेदनों के निराकरण में और अधिक गंभीरता बरतने के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं। श्री मोटवानी ने आज साप्ताहिक समय-सीमा बैठक में कहा कि कलेक्टर श्री जयप्रकाश मौर्य द्वारा आम जनता से प्राप्त आवेदनों में से समय-सीमा में निराकरण योग्य आवेदनों को चिन्हांकित कर विभागों को भेजा जाता हैं। इनमें से अनेक आवेदन ऐसे होते हैं जिनका निराकरण तत्काल भी किया जा सकता है। इसके अलावा एक निश्चित समय में निराकरण होने योग्य आवेदनों को भी समय-सीमा के लिए चिन्हिंत किया जाता है। इन आवेदनों का समय पर निराकरण कर आम लोगों को राहत पहुंचाई जा सकती है। आम जनता के व्यापक हित में ही आवेदनों को समय-सीमा में शामिल किया जाता है। श्री मोटवानी ने समय-सीमा के हर एक आवेदन की नस्ती तैयार कर निराकरण की दिशा में हुई कार्रवाई की रिपोर्ट  भेजने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए। जिला पंचाायत राजनांदगांव की मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती तनुजा सलाम, वनमंडलाधिकारी राजनांदगांव श्री पंकज राजपूत, वनमंडलाधिकारी खैरागढ़ श्री साहू भी उपस्थित थे। 
बैठक में श्री मोटवानी ने जनदर्शन में प्राप्त अनेक आवेदनों के संबंध में विभागीय अधिकारियों से वस्तु स्थिति की जानकारी ली और इन आवेदनों पर तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनदर्शन के आवेदनों का गुणवत्तापूर्ण निराकरण जरूरी है। आवेदनों पर हुई कार्रवाई के संबंध में लिखित जानकारी आवेदकों को दी जानी चाहिए। श्री मोटवानी ने पुलिस विभाग के अधिकारियों की समय-सीमा बैठक में अनुपस्थिति की जानकारी मिलने पर स्मरण पत्र भेजने के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिए। अपर कलेक्टर ने चिटफंड कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई, और प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की प्रगति की भी समीक्षा बैठक में की। उन्होंने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के संबंध में जरूरी एन्ट्री 15 जुलाई तक हर हाल में करने के निर्देश दिए। 
सीईओ जिला पंचायत ने मॉडल गोठान, नालों में बोरी बंधान 
और वाटर हार्वेस्टिंग लगाने की प्रगति की समीक्षा की –
जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती तनुजा सलाम ने मॉडल गोठानों में सीपीटी निर्माण, चारागाह, वृक्षारोपण, सार्वजनिक भवनों में वाटर हार्वेस्टिंग तथा नालों में बोरी बंधान की प्रगति की जानकारी बैठक में ली। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण के लिए जिले के सभी नालों में बरसात के बाद जगह-जगह बोरी बंधान की कार्ययोजना बनाई गई है। इस संबंध में प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। उन्होंने कहा कि जहां-जहां नालों में बोरी बंधान किया जा सकता है। सभी जगहों के विस्तृत प्रस्ताव बनाए जाए। 
नदी किनारे वृक्षारोपण –
वनमंडलाधिकारी राजनांदगांव श्री पंकज राजपूत ने बताया कि नदी किनारे वृक्षारोपण योजना के तहत 45 हजार पौधे लगाने के लिए जमीन चिन्हिंत कर ली गई हैं। 5 हजार पौधे और लगाने के लिए जमीन की जरूरत है। उन्होंने राजस्व विभाग के अधिकारियों को इसके लिए कार्रवाई करने को कहा। श्री राजपूत ने कहा कि मॉडल गोठानों में लगाने के लिए पौधे तैयार हैं। पौधे लगाकर इनकी सुरक्षा के प्रबंध तत्काल करने होंगे। इसके लिए जरूरी तैयारियां पूरी करना आवश्यक है। 
खरीफ और रबी मौसम 2019-20 में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना लागू – 
कृषि विभाग के उप संचालक श्री अश्वनी बंजारा ने बताया कि भारत सरकार के निर्देशानुसार प्रदेश में खरीफ और रबी मौसम 2019-20 के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना लागू कर दी गई है। इसके लिए ‘गांवÓ को बीमा इकाई बनाया गया है। खरीफ मौसम के लिए मुख्य फसल धान सिंचित और धान असिंचित तथा अन्य फसल मक्का, सोयाबीन, मूंगफल्ली, तुअर (अरहर), मूंग और उड़द को  अधिसूचित किया गया है। इसी प्रकार रबी मौसम के लिए मुख्य फसल चना तथा  अन्य फसल गेहूं सिंचित, गेहूं असिंचित, राई सरसो और अलसी को अधिसूचित किया गया है।
राशन कार्डों का नवीनीकरण : सत्यापन दलों का प्रशिक्षण 11 जुलाई से –
जिला खाद्य अधिकारी सुश्री सीमा अग्रवाल ने बताया कि जिले में 3 लाख 37 हजार राशन कार्ड प्रचलित हैं। राज्य शासन के निर्देशानुसार राशन कार्डों के नवीनीकरण की प्रक्रिया शुरू हो गई है। सत्यापन दलों का गठन पूरा हो चुका है। 15 जुलाई से नवीनीकरण के लिए आवेदन लिए जाएंगे। सभी जनपद पंचायतों और नगरीय निकाय क्षेत्रों में 11, 12 और 13 जुलाई को सत्यापन दलों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि सत्यापन दलों में ग्राम पंचायत सचिव या रोजगार सहायक सक्षम अधिकारी होंगे।  
बाल अधिकारों के उल्लंघन की सुनवाई 12 जुलाई को –
जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग सुश्री गुरप्रीत कौर ने बताया कि राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग नई दिल्ली की बेंच द्वारा 12 जुलाई 2019 को सुबह 9 बजे से कलेक्टोरेट के सभाकक्ष में बाल अधिकारों के उल्लंघन से संबंधित समस्याओं, मांगों और शिकायतों की सुनवाई की जाएगी। दुर्ग संभाग के सभी जिलों से संबंधित शिकायतों की सुनवाई होगी। इसकी तैयारियों के लिए 11 जुलाई को दोपहर 12 बजे कलेक्टोरेट के सभाकक्ष में विभिन्न विभागों की बैठक आयोजित की गई है।