कृषि उपज मण्डी समितियों के प्रांगण में खुली बोली पद्धति से धान, मक्का आदि की बिक्री करने की व्यवस्था होगी


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कृषि उपज मण्डी समितियों के प्रांगण में
खुली बोली पद्धति से धान, मक्का आदि की बिक्री करने की व्यवस्था होगी

कमिश्नर ने मण्डी परिसरांे में कार्यशाला सह मीटिंग करने के निर्देश दिए

       रायपुर 4 दिसम्बर 2019/ कमिश्नर रायपुर संभाग श्री जी.आर. चुरेन्द्र ने किसानों और व्यापारियों के व्यापक हित तथा मण्डी समितियों के आय स्त्रोत बढ़ाने और मण्डी प्रबंधन को बेहतर किये जाने की दृष्टि से रायपुर संभाग के सभी जिलों में एक सप्ताह के अंदर कृषि उपज मण्डी समितियों के प्रांगण में खुली बोली पद्धति से राईस मिलर्स, बड़े व्यापारियों और अनाज टेªडर्स के माध्यम से धान, मक्का व अन्य अनाज क्रय-विक्रय की व्यवस्था करने के निर्देश दिए है।
कमिश्नर ने संभाग के सभी जिलों के कलेक्टरों को पत्र लिखकर प्रत्येक मण्डियों में तीन दिवस के भीतर अनुविभागीय अधिकारी राजस्व के द्वारा मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत, सचिव, कृषि उपज मण्डी तथा राजस्व, कृषि, खाद्य विभाग सहकारिता विभाग के अमले के साथ मण्डी परिसर में विशेष कार्यशाला सह मीटिंग करने के निर्देश दिए हैं। में तहसील अंतर्गत के राईस मिलर्स, अनाज टेªडर्स, बड़े व्यापारियों एवं कृषि उपज मण्डी के सभी लायसेंसियों को आमंत्रित कर खुली बोली पद्धति से धान खरीदी की चर्चा करने को कहा है।
कमिश्नर ने मण्डी प्रांगण में धान खरीदी प्रारंभ होने के तीन दिवस पूर्व सभी गांवांे और हाट बाजारों में मुनादी कर किसानों को इसकी जानकारी देने को कहा है, जिससे ऐसे किसान जिनके धान उपार्जन केन्द्र में शासन द्वारा नियत लिमिट के अंदर धान बेचने के बाद जो शेष धान बचता है, उसे मण्डी प्रांगण में लाकर खुली बोली पद्धति से व्यापारियों को सुविधाजनक रूप से बेच सकें। इसी तरह मण्डी के लायसेंसी यथा कोचिया, व्यापारी, किराना दुकानदार या जो मण्डी के लायसेंसी नहीं है, वे व्यापारी, कोचिया मण्डी से लायसेंस जारी करवाकर मण्डी प्रांगण में धान बिक्री कर सकते है।
कमिश्नर ने यह भी कहा है कि मण्डी में धान, मक्का आदि अनाज जो खुली बोली के तहत विक्रय किया जाता है, उसका शीघ्र भुगतान व्यापारियों/राईस मिलर्स के द्वारा शीघ्र करने की व्यवस्था करने को भी कहा है। इस व्यवस्था से मण्डी प्रांगण में बिक्री होने से व्यापारियों को प्रोत्साहन मिलेगा। ऐसे किसान जो प्रति एकड़ 20-25 क्ंिवटल या उससे अधिक मात्रा में धान पैदा करते है वे अपना धान स्वयं मण्डी प्रांगण में ले जाकर खुली बोली से बेच सकेंगे। गांव के छोटे व्यापारियों को भी गांव स्तर पर धान, मक्का आदि अनाज क्रय करने में सुविधा होगी। इससे व्यापारी एवं किसान दोनों को सुविधा मिलेगी, मण्डी समितियों की आय भी बढ़ेगी तथा धान के अवैध व्यापार पर भी रोकथाम होगी।  

आवश्यकता है पत्रकारों की संपादक नवेद आज़मी 09098350946

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